जल गया आशियाना मेरा। अब धुएं हैं चारों तरफ़।। जल गया आशियाना मेरा। अब धुएं हैं चारों तरफ़।।
कितनी खास होती हैं ना ये बारिश की बून्दें ! कितनी खास होती हैं ना ये बारिश की बून्दें !
ना मुझें देख तुम्हारा यूँ मुस्कुराना गलत था, ना बातों ही बातों में मुझें सताना गलत था ना मुझें देख तुम्हारा यूँ मुस्कुराना गलत था, ना बातों ही बातों में मुझें सता...
कभी कभी बाप का शासन दिखाती हूं। कभी कभी बाप का शासन दिखाती हूं।
माँ की आशाओं की कमाई, बहन की राखी में बंधी कलाई। माँ की आशाओं की कमाई, बहन की राखी में बंधी कलाई।
संबोधित अपनी प्रेमिका को अनगिनत नामों से, संबोधित अपनी प्रेमिका को अनगिनत नामों से,